एडीओ पंचायत से हुई शिकायत के बाद भी ग्राम प्रधान के संरक्षण में बीएलओ की मनमानी जारी
– नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम मड़हाराजा के बीएलओ के करस्तानी की हुई शिकायत
– जांच में मामला सही मिला तो बीएलओ पर दर्ज कराया जाएगा मुकदमा – एसडीएम
निष्पक्ष और निर्विवाद पंचायत निर्वाचन नामावली तैयार किए जाने के निर्वाचन आयोग के सख्त निर्देश के बाद भी जमीनी स्तर पर बीएलओ की मनमानी जारी है। प्रभावशालियों और पदेन ग्राम प्रधानों के सानिध्य में मतदाता सूची तैयार करने वाले बीएलओ के खिलाफ ब्लॉक मुख्यालय से लेकर गांवों तक विरोध प्रदर्शन लगातार देखा जा रहा है। नाथनगर ब्लॉक में तो सबसे बुरा हाल है। एडीओ पंचायत के जमीनी पर्यवेक्षण पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। ताजा मामला इसी ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम मड़हाराजा का है। गांव निवासी मोहम्मद शमीम पुत्र मोहम्मद शाहिद ने शनिवार को जिलाधिकारी/ जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजे आईजीआरएस शिकायत में ग्राम पंचायत के बीएलओ चंद्रभान यादव के कारगुजारियों की शिकायत किया है। ऑनलाइन पोर्टल पर हुई शिकायत के अनुसार बीएलओ द्वारा अपने पदीय दायित्वों का दुरुपयोग करते हुए वर्तमान ग्राम प्रधान के प्रलोभन व सानिध्य में आकर निर्वाचक नामावली में व्यापक पैमाने पर धांधली की जा रही है। निर्वाचक नामावली की शुचिता को तार-तार किया जा रहा है ।बीएलओ चंद्रभान यादव द्वारा ग्राम प्रधान के कहने पर दर्जन भर से अधिक नाबालिग और विवाहित पुत्रियों का नाम पंजीकृत करके मतदाता सूची की शुचिता एवम् पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिया गया हैं। इतना ही नहीं इनके द्वारा दर्जनों वाजिब मतदाताओं का नाम ग्राम प्रधान के ही कहने पर मतदाता सूची में पंजीकृत नहीं किया गया। जबकि पात्र मतदाताओं का नाम पंजीकृत करने व अयोग्य मतदाताओं का नाम विलोपित करने के संबंध में लिखित शिकायती पत्र पूर्व में दिए जा चुके हैं। शिकायती पत्र के क्रम में एडीओ पंचायत द्वारा संबंधित बीएलओ को घर-घर जाकर पात्र और अपात्र मतदाओं के सत्यापन का आश्वासन भी दिया गया है। उसके बाद भी बीएलओ द्वारा ग्राम प्रधान के घर, उनके विद्यालय और उनकी दुकान पर बैठ कर सत्यापन के नाम पर खेल किया जा रहा है। बीएलओ की इस हरक़त से ग्राम पंचायत मड़हाराजा के दर्जनों मतदाता मतदान करने से वंचित रह जाएंगे। शिकायत के संबंध में पूछे जाने पर उप जिलाधिकारी धनघटा डा सुनील कुमार ने बताया कि उक्त शिकायत की जांच कराई जाएगी। मामले में यदि शिकायत की पुष्टि हुई तो संबंधित बीएलओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके कड़ी कानूनी कार्रवाई की जायेगी।
