द्वाबा महोत्सव को भव्य बनाने में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी – जिलाधिकारी
– सुरक्षा व्यवस्था के साथ नही होने दिया जाएगा समझौता, चप्पे चप्पे पर तैनात रहेंगे पुलिस कर्मी – पुलिस अधीक्षक
– डा संजय निषाद ने द्वाबा महोत्सव के सरभौमिक सम्मान की रक्षा के लिए दिया महत्वपूर्ण योगदान – नीलमणि

“आसमान में वही उड़ेंगे, जिनके अपने पर होंगे” विख्यात शायर खुर्शीद हैदर की ये पंक्तियां द्वाबा महोत्सव के आयोजन को लेकर चले उठापटक में नीलमणि के धोबिया पाट दांव ने द्वाबा की संस्कृति और सभ्यता के सम्मान को बचा लिया। यद्यपि नीलमणि ने इस संघर्ष के आखिरी पायदान पर कैबिनेट मंत्री डा संजय निषाद के ऐतिहासिक योगदान को द्वाबा के सम्मान का द्योतक बता दिया। मामला जो भी हो लेकिन बुधवार को जिलाधिकारी आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा ने धनघटा स्थित द्वाबा महोत्सव के आयोजन स्थल पर प्रशासनिक महकमे के साथ पहुंच कर जब महोत्सव के शिल्पी नीलमणि से सभी व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए महोत्सव की भव्यता के लिए हर संभव प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिलाया तो आयोजक मंडल से लेकर आवाम के चेहरे भी खिल उठे। दौड़, वालीबाल, कुश्ती, कबड्डी, बिरहा, आल्हा, लोकगायन से लेकर कविता और शायरी द्वाबा के मिट्टी की सांस्कृतिक और मानसिक उपज है। इन सभी क्षेत्रों में द्वाबा की स्थानीय प्रतिभाओं को बड़ा प्लेटफार्म उपलब्ध कराने के साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टार कलाकारों को मंच पर पहुंचा कर प्रेरणाश्रोत बनाने का भी नीलमणि ने प्रयास किया है। नीलमणि के इस प्रयास को धरातल में उतारने के लिए जिलाधिकारी आलोक कुमार, पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना, एडीएम जय प्रकाश, एसडीएम धनघटा सुनील कुमार और नायब तहसीलदार हरेराम यादव मौके पर पहुंचे। श्रोताओं और दर्शकों के साथ ही बाहर के सम्मानित और स्थानीय कलाकारों की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के व्यापक इंतजाम की एसपी ने जानकारी दिया। बाद में चेयरमैन प्रतिनिधि नीलमणि ने आयोजक मंडल की बैठक करके सभी की जिम्मेदारियां तय कर दिया। आने वाले दिनों में द्वाबा महोत्सव पूर्व विधानसभा प्रत्याशी नीलमणि के सपनों का तोहफा साबित हो सकता है।
