भिटहा स्थित “चतुर्वेदी विला” में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के आखिरी दिन कथा व्यास सहित समूची टीम का अंग वस्त्र और आभूषण के साथ हुआ सम्मान
कथा से पूर्व चतुर्वेदी विला में क्षेत्र के सैकड़ों जरूरतमंदों में कंबल, अंगवस्त्र और नगदी का हुआ वितरण मुख्य यजमान चंद्रावती देवी के सानिध्य में जनार्दन चतुर्वेदी, जय चौबे,डा उदय प्रताप चतुर्वेदी, राकेश चतुर्वेदी, डा सत्यम, दिव्येश, अखंड प्रताप और रजत ने उतारी कथा व्यास की आरती

नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम भिटहा में चल रही नौ दिवसीय पौराणिक श्रीमद् कथा के आखिरी दिन बृज मंडल की अद्भुत होली से समूचा चतुर्वेदी विला सराबोर हो उठा। रंग बिरंगे फूलों की फुहार के बीच श्रोता जमकर झूमे। डा उदय और राकेश के साथ जहां उनकी माता चंद्रावती देवी ने कथा व्यास सहित समूची टीम को अंगवस्त्र और दक्षिण भेंट किया वहीं सूर्या ग्रुप के युवराज अखंड प्रताप चतुर्वेदी रिस्ट वॉच पहनाकर आशीर्वाद लिया। पूर्व विधायक जय चौबे की माता ने डा सत्यम और दिव्येश के साथ सभी को अंगवस्त्र और दक्षिणा भेंट करके आशीर्वाद लिया। कथा प्रारंभ करते हुए कथा व्यास त्रिभुवन दास जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की हर एक लीला के पीछे वेद की हर ऋचाएं निहित हैं। जब भगवान श्री हरि ने ब्रजमंडल में अवतार लेने की पटकथा दोहराई तो स्वर्ग में अधिपत्य हासिल करने वाली सभी शक्तियों ने नर,गोपी, गाय और वनस्पति के रूप में वृंदावन की सभी गलियों में खुद को ईश्वर का सानिध्य पृथ्वी पर हासिल करने के लिए खुद को स्थापित कर लिया। मुख्य यजमान चंद्रावती देवी के सानिध्य में जनार्दन चतुर्वेदी, जय चौबे,डा उदय प्रताप चतुर्वेदी, राकेश चतुर्वेदी, सविता चतुर्वेदी, शिखा चतुर्वेदी, डा सत्यम चतुर्वेदी , दिव्येश चतुर्वेदी,अखंड प्रताप चतुर्वेदी, और रजत चतुर्वेदी ने व्यास पीठ की आरती उतारी। कथा को आगे बढ़ाते हुए कथा व्यास त्रिभुवन दास जी महाराज ने कहा कि मानव जीवन को सफल बनाने के लिए वेदों की रचना हुई थी।कथा व्यास ने कहा कि मृत्यु से बचने का जतन न करें बल्कि उसे मंगलमय बनाने का प्रयत्न करें। उन्होंने कहा कि गृहस्थ आश्रम में भगवान रुक्मिणी के साथ सानंद थे। उन्होंने कहा कि जहॉ हैं वहीं जीवन का आनंद लें। बार-बार शिकायत कर जीवन को दुखी न बनाएं।अतीत का चिंतन न करें और भविष्य की भी बहुत चिंता नहीं करनी चाहिए।सरस बनाकर जीवन जीना यही दाम्पत्य जीवन की विधा है। उन्होंने भगवत कथा में आगे कहा कि भगवान की बड़ी बेटी का नाम चारुमती था।जिनका विवाह बलि से हुआ था।प्रद्युम्न का विवाह रुक्मी की पुत्री से हुआ। इससे पहले डा उदय प्रताप चतुर्वेदी और राकेश चतुर्वेदी ने क्षेत्र के सैकड़ों गरीब महिला पुरुषों में अंगवस्त्र, कंबल और नगदी वितरित किया।इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव, अपना दल एस के व्यापार मंच के प्रदेश अध्यक्ष पुष्कर चौधरी, प्राचार्य वेद प्रकाश पांडेय,सह प्रबंधक मनोज पांडेय,शरद त्रिपाठी, नितेश द्विवेदी, निहाल चन्द पांडेय, अंकित पाल, रत्नेश मिश्र, आशुतोष पांडेय, मायाराम पाठक, बृजेश चौधरी, आनंद ओझा सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
