पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना द्वारा पुलिस कार्यालय पर डायल 112 पीआरबी पर नियुक्त समस्त कर्मचारियों/कर्मियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा कर रिस्पांस टाइम में सुधार एवं कॉलर सर्टिफिकेशन प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाना, ताकि आमजन को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
समीक्षा में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि डायल 112 पर प्राप्त प्रत्येक कॉल को गंभीरता से लेते हुए उसकी त्वरित सत्यता (Caller Certification) सुनिश्चित की जाए । कॉलर से घटना का संक्षिप्त व सटीक विवरण, स्थान की पुष्टि (लोकेशन/GPS), तथा आवश्यकता की प्रकृति स्पष्ट रूप से प्राप्त कर जेन्युइन कॉल पर तत्काल पीआरबी को रवाना किया जाए । अनावश्यक विलंब या लापरवाही को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा ।
रिस्पांस टाइम को कम करने हेतु निम्न बिंदुओं पर विशेष जोर दिया।
01-कॉल रिसीव होते ही त्वरित प्रोसेसिंग एवं पीआरबी का तत्काल आवंटन ।
02-क्षेत्रवार पीआरबी की उपलब्धता के अनुसार सर्वोत्तम रूट का चयन ।
03-रेडियो/मोबाइल संचार को सक्रिय रखते हुए घटनास्थल तक शीघ्र पहुंच ।
04-ड्यूटी के दौरान पीआरबी स्टाफ की सतर्कता एवं अनुशासन ।
कॉलर सर्टिफिकेशन के संबंध में निर्देशित किया गया कि
01-फर्जी/मजाकिया कॉल की पहचान कर संसाधनों का दुरुपयोग रोका जाए
02-बार-बार कॉल करने वालों की निगरानी रखते हुए विधिक प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाए ।
03-वास्तविक आपात स्थिति में पीड़ित को प्राथमिकता देते हुए संवेदनशीलता से कार्य किया जाए ।
पूर्व में प्राप्त कॉल्स, रिस्पांस टाइम के आंकड़ों तथा फीडबैक की विस्तृत समीक्षा भी की गई। निर्देशित किया गया कि यूपी डायल 112 आमजन की आपातकालीन जीवनरेखा है। इसमें नियुक्त प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वह तेजी, सत्यता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करे, ताकि जनपद में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ रहे और आमजन का पुलिस पर विश्वास और अधिक मजबूत हो ।
पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर द्वारा पुलिस कार्यालय पर डायल 112 पीआरबी कर्मियों के साथ रिस्पांस टाइम एवं कॉलर सर्टिफिकेशन के संबंध मे की गयी समीक्षा, दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश
