नाथनगर ब्लॉक के भिटहा में नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का त्रिभुवन दास जी महाराज के मुखारबिंद से हुआ भव्य शुभारंभ
– मुख्य यजमान श्रीमती चंद्रावती देवी के नेतृत्व में पूर्व विधायक जय चौबे,डा उदय प्रताप चतुर्वेदी, राकेश चतुर्वेदी और रत्नेश चतुर्वेदी ने उतारी बाल गोपाल की आरती

नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम भिटहॉ में बुधवार को पूर्वांचल के मालवीय स्व पंडित सूर्य नारायण चतुर्वेदी की स्मृति में नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का सुरमई अंदाज में शुभारंभ हुआ। भिटहॉ स्थित “चतुर्वेदी विला” में नौ दिनो तक चलने वाले इस भव्य आयोजन में वृंदावन धाम से पधारे कथा वाचक त्रिभुवन दास जी महाराज ने भक्तजनों को अपने मुखारबिंद से श्रीमद् भगवत कथा के उदयीमान सोपान का रसपान कराया।
मुख्य यजमान “चतुर्वेदी विला” की मुखिया चंद्रावती देवी के नेतृत्व में पूर्व विधायक जय चौबे, सूर्या ग्रुप के चेयरमैन डा उदय प्रताप चतुर्वेदी और एसआर के एमडी राकेश चतुर्वेदी ने छोटे भाई रत्नेश चतुर्वेदी के साथ भगवान श्रीकृष्ण और कथा पीठ की आरती उतारी।पूजा- अनुष्ठान और गणेश वंदना, हनुमान चालिसा से शुरु हुए श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन कथा वाचक त्रिभुवन दास जी महाराज ने श्रोताओं को जीवन के वैदिक सार से रूबरू कराया। उन्होंने कहा कि परमात्मा के भाव की प्राप्ति ही मनुष्य के जीवन का उद्देश्य होना चाहिए। परमात्मा न तो ज्ञान से, न तो तप से और न ही वैभव से मिलता है बल्कि परमात्मा तो सच्चे भाव से विह्वल भक्त को ही मिलता है। श्रीमद् भागवत कथा के महत्व और प्रभु के प्रति भक्त के भाव का वर्णन करते हुए त्रिभुवन दास जी महाराज ने कहा कि परमात्मा के सानिध्य के लिए शुकद्देव जी ने बारह वर्ष मॉ के गर्भ में बिता दिए। पिता के बार-बार आग्रह के बाद शुकद्देव जी ने कहा कि जब तक श्रीहरि विष्णु मुझे आश्वस्त नही करेंगे कि हम पर माया का विकार व्याप्त नहीं होगा तब तक हम गर्भ से बाहर नहीं आएंगे। अंतत:भगवान विष्णु ने शुकद्देव जी को इस बात का भरोसा दिया कि तुम पर माया का प्रभाव नहीं पड़ेगा। तब वे गर्भ से बाहर आए। गर्भ से बाहर होते ही वे वैराग्य धारण कर लिए और जंगल की ओर चल दिए। उन्होंने कथा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि पिता व्यास ऋषि के बुलाने पर भी वे पीछे मुड़कर नहीं देखे, क्योंकि वे माया के विकार से परे थे ।कथा वाचक त्रिभुवन दास जी महाराज ने प्रभु की महिमा का बखान करते हुए सत्कर्म पर चलने की सीख दी।साथ ही पुत्र धर्म क्या होना चाहिए इस पर गहराई से प्रकाश डाला।कथा की शुरुआत में माता चंद्रावती देवी, पूर्व विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे,सूर्या संस्थान के चेयरमैन डा उदय प्रताप चतुर्वेदी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख राकेश चतुर्वेदी, रत्नेश चतुर्वेदी ने व्यास गद्दी पर विराजमान कथा वाचक को तिलक लगाकर व्यास गद्दी की आरती करके दान दक्षिणा दी। सुबह से चल रहे पूजा अनुष्ठान के समापन के बाद कथा का शुभारंभ हुआ। इस दौरान गोमती चतुर्वेदी, सूर्या ग्रुप की एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर सविता चतुर्वेदी, एसआर की एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर शिखा चतुर्वेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव, मनोज कुमार पांडेय, अभयानंद सिंह, दिग्विजय यादव, बृजेश चौधरी, आनंद ओझा सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
