मझौवा एकडंगा में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन सुनाई कृष्ण जन्म की कथा,संगीतमयी भजनो से भक्तिमय हुआ परिसर।
श्रीमद्भभागवत कथा के छठे दिन पूर्व प्रमुख एसआर के एमडी राकेश चतुर्वेदी और युवराज रजत चतुर्वेदी ने लिया व्यास पीठ आशीर्वाद।

प्राचार्य वेद प्रकाश पांडेय के आयोजन में मझौवा एकडंगा में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन अयोध्या धाम से पधारे व्यास पीठ पर विराजमान आचार्य धीरज कृष्ण शास्त्री जी ने कहा कि भगवान मारते नहीं बल्कि तारते हैं उन्होंने कहा कि राजा परिच्छित ने ऋषि शुकद्देव जी से पूछा कि भगवान हमेशा देवताओं का ही पक्ष लेते रहे जबकि असुरों का संहार करते रहे फिर उन्हें समदर्शी क्यों कहा गया है?
तब शुकद्देव जी ने कहा कि राजन,भगवान से जुड़ने वाला क्रोध से जुड़े या प्रेम से दोनो का भगवान मंगल ही करते हैं। यही प्रश्न युधिष्ठिर ने भी श्रीकृष्ण से पूछा था कि शिशुपाल जैसे दुष्टआत्मा की मौत के बाद उसके शरीर से निकली ज्योति आपमें क्यों समाहित हो गई तब भगवान ने कहा भले ही उसके अंदर हमारे प्रति क्रोध का भाव था लेकिन वह हमसे जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा भगवान किसी को मारते नहीं हैं बल्कि तारते हैं। उन्होंने कहा कि गोस्वामी जी लिखते हैं राम-रावण के बीच चले युद्ध में जब किसी असुर को बंदर पटक कर मार डालते थे तब विभीषण भगवान के कान में कुछ कहते और श्रीराम उन्हें अपने धाम को भेज देते थे। कथा व्यास ने श्रीमद्भागवत की महिमा बताते हुए कहा कि यह महापुराण साक्षात भगवान कृष्ण का प्रतिरूप है। कथा के श्रवण मात्र से जन्मो के पाप कट जाते हैं। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। कथा के दौरान कृष्ण जन्म का उत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथा के दौरान पहुंचे एवीआरएल गिठिनी के एमडी जनार्दन चतुर्वेदी, एसआर इंटरनेशनल के एमडी पूर्व प्रमुख राकेश चतुर्वेदी,आरपी ग्रुप ऑफ एजूकेशन के चेयरमैन केसी यादव,चतुर्वेदी परिवार के युवराज रजत चतुर्वेदी सहित कई गणमान्य लोगों ने व्यास पीठ की आरती उतारी और पीठ पर विराजमान आचार्य का आशिर्वाद लिया। इस दौरान मुख्य यजमान आदित्य प्रकाश पांडेय,श्रीमती कुशलावती देवी, एसआर इंटरनेशनल के एक्जीक्युटिव डायरेक्टर मनोज पांडेय,शिक्षक नेता संजय द्विवेदी,भाजपा नेता अजय मिश्रा,समाजसेवी अंकित पाल सहित सैकड़ो लोग मौजूद रहे।
