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अपनी ही नहीं पड़ोसी गांवों के लोगों की भी प्यास बुझा रहा सुबखरी एसएस आरओ वाटर प्लांट

मुख्यमंत्री पुरस्कार से सम्मानित सुबखरी ने पुरस्कार राशि से स्थापित किया ब्लॉक का सबसे बड़ा आरओ प्लांट रंगीन लाइटों से जगमगाती गांव की मुख्य सड़क शहरों की अंधेरी गलियों को देती है चुनौती सुबखरी में तैयार हो रही

नक्षत्रशाला अन्य ग्राम पंचायतों के लिए साबित होगी प्रेरणादाई
दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता और कर्तव्यनिष्ठा का जुनून हो तो भीड़ की दुनिया में व्यक्तित्व धूमकेतु की तरह चमकता नजर आता है। फिर चाहे वह समाज का नेतृत्व करे या किसी गांव का। जिम्मेदारियां निभाने का हुनर हो तो एक जनप्रतिनिधि गांव की तस्वीर कैसे बदलता है इसका नजारा देखना हो तो नाथनगर ब्लॉक के सुबखरी गांव आइए। जी हां सड़क, नालियां और ताल पोखरे तो हर गांव की तरह संवर ही रहे हैं लेकिन गांव के प्रधान प्रतिनिधि जितेंद्र विश्वकर्मा ने शासन के मानकों पर खरा उतरते हुए एक ही पंचवर्षीय में दो दो बार सुबखरी गांव को मुख्यमंत्री पुरस्कार का हकदार बना दिया। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री पुरस्कार राशि से गांव के पंचायत भवन पर 7 लाख 80 हजार रूपये की आज ऐसी परियोजना स्थापित किया जो अपने ही नहीं बल्कि पड़ोसी गांवों के ग्रामीणों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है। स्टील सिस्टम से तैयार यह आरओ प्लांट एक घंटे में 2 हजार लीटर स्वच्छ पानी उपलब्ध कराता है। 650 फिट की बोरिंग युक्त इस प्लांट में एक एक हजार की दो और दो हजार की एक स्टील टंकी लगाई गई है। 10 फिट की हैवी फ़िल्टर मशीन के सहारे शुद्ध जल से सिर्फ गांव के ही नहीं बल्कि अगल बगल के गांवों के ग्रामीण भी लाभान्वित हो रहे हैं। हरिहरपुर महुली मार्ग से सुबखरी गांव को जाने वाली सड़क पर कराई गई लाइटिंग शहरों की अंधेरी राहों को मुंह चिढ़ाती नजर आती है। वित्तीय वर्ष 2023-24 पहली बार और वर्ष 2025- 26 में दूसरी बार सुबखरी गांव को मुख्यमंत्री पुरस्कार से सम्मानित होने का गौरव हासिल हुआ है। ग्राम पंचायत द्वारा लगभग 9 लाख रूपये से गांव में तैयार की जा रही नक्षत्रशाला अंतिम दौर में है। जिस दिन यह नक्षत्रशाला तैयार हुई वह दिन इस ग्राम पंचायत ही नहीं समूचे नाथनगर ब्लॉक के लिए मील का पत्थर साबित होगी। प्रधान प्रतिनिधि जितेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि पहली पुरस्कार राशि से गांव में स्टील सिस्टम आरओ प्लांट और नक्षत्रशाला स्थापित की गई जबकि दूसरी बार मिली पुरस्कार राशि से गांव की लाइटिंग के साथ ही ओपन जिम के स्थापना की कार्य योजना तैयार की गई है। ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं स्थापित करना ही उनका लक्ष्य है।

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